AHSAN AAPKA
Friday, April 27, 2018
गुस्ताखियाँ
गुस्ताखियाँ अब माफ करो
नाराजगी अब साफ करो
कह न सकी है जो
बातें जुबां,
है अब कह रहे मेरे अल्फ़ाज
शब्दो की है ये जो बात
शब्दो से ही कर दो माफ़ ,
है ये जो दिल की मेरी बात
गुस्ताखियाँ अब माफ करो
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