Friday, April 27, 2018

गुस्ताखियाँ


गुस्ताखियाँ अब माफ करो

 नाराजगी अब साफ करो 

कह न सकी है जो बातें जुबां,

है अब कह रहे  मेरे  अल्फ़ाज

सब्दो की है ये जो  बात 

सब्दो से ही कर दो माफ़ ,

है ये जो दिल की मेरी बात

 गुस्ताखियाँ अब माफ करो 



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